पिपराइच थाने मे युवक की बेरहमी से पिटाई, सिपाही निलंबित

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पिपराइच थाने में पुलिस की बर्बरता का आरोप, दो युवकों की बेरहमी से पिटाई

*घायल अब्दुल रहीम मेडिकल कॉलेज में भर्ती, आरोपी आरक्षी अजय यादव निलंबित*

गोरखपुर। पिपराइच थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। आपसी विवाद के बाद थाने पहुंचे दो युवकों के साथ कथित रूप से पुलिसकर्मियों द्वारा की गई बर्बर पिटाई ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया है। घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका इलाज बीआरडी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आरोपी आरक्षी अजय यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, बीते सोमवार की देर पिपराइच थाना क्षेत्र के महमूदाबाद गांव निवासी 28 वर्षीय अब्दुल रहीम और उसके साले शाहरुख के बीच खाना खाने को लेकर विवाद हो गया। कहासुनी बढ़ने पर शाहरुख ने डायल 112 पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को समझाकर मामला शांत करा दिया और वापस लौट गई। हालांकि कुछ देर बाद दोनों के बीच फिर विवाद हुआ और मारपीट शुरू हो गई। इस बार अब्दुल रहीम ने स्वयं पुलिस को सूचना दी।

सूचना पर पहुंची डायल 112 पुलिस दोनों को पिपराइच थाने ले आई। परिजनों का आरोप है कि थाने में रात्रि ड्यूटी पर तैनात आरक्षी अजय यादव इस दौरान सो रहे थे और शोर-शराबे से उनकी नींद खुल गई। इसी बात से नाराज होकर उन्होंने अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर दोनों युवकों की बेरहमी से पिटाई कर दी।

आरोप है कि पहले शाहरुख को लाठियों से पीटा गया, लेकिन वह किसी तरह खुद को बचाकर निकल गया। इसके बाद अब्दुल रहीम को दो पुलिसकर्मियों ने पकड़कर एक खंभे से सटा दिया और आरक्षी अजय यादव ने उसकी जमकर पिटाई की। परिजनों के अनुसार, पिटाई इतनी निर्मम थी कि रहीम के शरीर पर गंभीर चोटें आईं और कई जगहों पर त्वचा तक उधड़ गई। शाहरुख के शरीर पर भी चोट के कई निशान बताए जा रहे हैं।

घायल अब्दुल रहीम की हालत बिगड़ने पर उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपराइच ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वर्तमान में उसका इलाज वहीं चल रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल में स्थानीय लोगों और परिजनों की भीड़ जुट गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिसकर्मियों की इस कथित बर्बरता की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो इस तरह की घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।

पुलिस क्षेत्राधिकारी चौरीचौरा कुंदन कुमार सिंह ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने प्रथम दृष्टया आरोपी पाए गए आरक्षी अजय यादव को निलंबित कर दिया है और पूरे प्रकरण की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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