फैक्ट्री में घुसकर मजदूरों पर लाठी-डंडों से हमला
*ओम एग्रो और ओम शक्ति के निदेशकों के बीच के विवाद ने लिया हिंसक रूप
*ओम एग्रो फूड्स एंड फीड प्राइवेट लिमिटेड में मारपीट से कई कर्मचारी घायल, चिलुआताल थाने पहुंचे पीड़ित
*CCTV फुटेज के आधार पर कार्रवाई होगी कार्रवाई



गोरखपुर। चिलुआताल थाना क्षेत्र स्थित भगवानपुर नकहा नंबर-2 निकट फर्टिलाइजर में संचालित ओम एग्रो फूड्स एंड फीड प्राइवेट लिमिटेड में निदेशकों के बीच चल रहा विवाद हिंसक रूप अख्तियार कर लिया है। आरोप है कि दो फोर व्हील से कंपनी के डायरेक्टर संजीव मिश्रा फैक्ट्री पहुंचे और अपने दर्जन भर साथियों के मिलकर फैक्ट्री में लाठी-डंडों से कर्मचारियों की पिटाई कर तोड़फोड़ किए। जिसमें कई मजदूर घायल हो गए। घटना के बाद पीड़ित मजदूर चिलुआताल थाने पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायती पत्र लेकर मेडिकल परीक्षण के लिए चारगांवा स्वास्थ्य केंद्र लेकर गई। पुलिस मामले की शिकायत दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करने की बात कही।
घटना पर पीड़ित मजदूरों का कहना है कि फैक्ट्री के मालिकों के बीच लंबे समय से हिस्सेदारी और बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। डायरेक्टर संजीव मिश्रा एवं उनकी पत्नी रूबी मिश्रा के द्वारा पूर्व में करोड़ो रुपये के गबन किया गया उधर ओम शक्ति गीडा यूनिट जो कि मदर यूनिट ओम एग्रो की एक शाखा है, को लेकर विवाद चल रहा है, लेकिन इसकी कीमत बेगुनाह मजदूरों को चुकानी पड़ रही है। कर्मचारियों ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे कई हमलावर वाहनों से पहुंचे और फैक्ट्री में घुसते ही कर्मचारियों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
कंपनी की निर्देशक रश्मि मिश्रा, पत्नी आशुतोष मिश्रा के अनुसार, ओम एग्रो फीड प्राइवेट लिमिटेड में चार साझेदार हैं। उनका आरोप है कि साझेदारी और संपत्ति के बंटवारे एवं पूर्व में संजीव मिश्रा एवं उनकी पत्नी द्वारा करोड़ों के गबन किया गया एवं ओम शक्ति गीडा यूनिट जो कि ओम एग्रो की एक शाखा है उसमें अपनी हिस्सेदारी को लेकर लगातार विवाद चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पहले भी पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि समय रहते विवाद का समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में और बड़ी घटना हो सकती है।
वहीं, इस मामले में संजीव मिश्रा ने बताया कि कंपनी बीते दो वर्ष से बंद है। कंपनी मे अनधिकृत लोग रहते हुए दूसरी फर्म के नाम पर अवैध कारोबार कर रहे हैं। मैं अपनी कंपनी से उन अनधिकृत लोगों को बाहर निकलने गया था किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को फैक्ट्री के अंदर नही रहने दूंगा।














