थाईलैंड कंबोडिया के बीच सीमा विवाद, युद्ध जारी

नई दिल्ली। थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद आज का नहीं है। यह विवाद 1907 में पनपा था जब थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा समझौता हुआ था। उस वक्त कंबोडिया पर फ्रांस का शासन था। इस समझौते के तहत दोनों देशों का जो मानचित्र है, उसमें फ्रांस ने अपना दबदबा कायम करते हुए कंबोडिया को सीमा पर स्थित एक हिंदू मंदिर पर अधिकार दे दिया, जो भगवान शिव को समर्पित है। कंबोडिया की आजादी के बाद थाईलैंड ने उस मंदिर पर अपना कब्जा जमा लिया, तब कंबोडिया इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस पहुंचा, जहां से फैसला उसके पक्ष में हुआ, लेकिन एक बार फिर इस मंदिर को लेकर दोनों देश आमने-सामने हैं।
बता दें कि कंबोडिया पर फ्रांस के शासन के दौरान थाईलैंड से 1904-07 के दौरान सीमा समझौता हुआ। उस दौरान जो मानचित्र बना, उसमें से कंबोडिया के हिस्से में जो आया, उसपर थाईलैंड अपना दावा ठोंकता है। उसका कहना है कि समझौते के दौरान भ्रम की स्थिति थी और थाईलैंड के हिस्सों को भी कंबोडिया में दिखा दिया गया। यों में जो मानचित्र बने, उनमें कुछ क्षेत्रों को कंबोडिया का हिस्सा दिखाया गया, जबकि थाईलैंड उस पर अपना दावा करता है. दरअसल एक ही क्षेत्र को दो अलग-अलग दस्तावेजों में अलग-अलग देश का हिस्सा बताया गया है, जिसकी वजह से विवाद बना हुआ है। इस सीमा विवाद में जिस क्षेत्र को लेकर सबसे ज्यादा विवाद है वो है प्रीह विहियर (Preah Vihear) मंदिर। यह मंदिर थाई-कंबोडिया सीमा पर एक पहाड़ी पर स्थित है। कंबोडिया जब 1953 में स्वतंत्र हुआ तो थाईलैंड ने इस मंदिर पर कब्जा कर लिया। उसके बाद कंबोडिया ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में शिकायत की, जिसके बाद मंदिर पर कंबोडिया का फिर से कब्जा हो गया, लेकिन मंदिर के आसपास के क्षेत्र पर जो करीब 5 किलोमीटर तक फैला है, थाईलैंड ने अपना कब्जा बनाए रखा। इसी वजह से दोनों देश के बीच तनातनी जारी है।
क्या है ताजा विवाद- कंबोडिया और थाईलैंड के बीच जो सीमा विवाद है उसकी वजह से दोनों देशों के बीच तनातनी होती रहती है। इन देशों की राजनीति का भी असर सीमा विवाद पर पड़ता है। थाईलैंड में सेना और सरकार के बीच हमेशा ठनी रहती है जिसमें इस सीमा विवाद का काफी उपयोग किया जाता है। जब भी थाईलैंड में लोकतांत्रिक सरकार बनती है, सेना उसे कमजोर करने के लिए सीमा विवाद को देश के स्वाभिमान से जोड़कर उठाती है और तख्तापलट तक कर देती है। हाल ही में कंबोडिया की सरकार की ओर से प्रीह विहियर मंदिर में राष्ट्रगान बजाया गया, क्योंकि इसे वे अपने राष्ट्रीय गौरव का विषय समझते हैं और इसके जरिये वहां राजनीति भी होती है। इसी वजह से थाईलैंड ने गोलीबारी शुरू कर दी है और दोनों देशों के बीच तीव्र लड़ाई छिड़ गई है। प्रीह विहियर मंदिर 11 शताब्दी में बनाया गया मंदिर है, जिसे यूनेस्को ने विश्व धरोहर के रूप में चिह्नित भी किया है।
संघर्ष की क्या है स्थिति- थाईलैंड और कंबोडिया के बीच ताजा सीमा विवाद 24 जुलाई को शुरू हुआ है। दोनों देशों ने टैंक के जरिए भी गोलीबारी की है और इसके और बढ़ने की आशंका है। दोनों पक्ष का कहना है कि अगला पक्ष इस संघर्ष के लिए जिम्मेदार है और थाईलैंड ने यह स्पष्ट कहा है कि किसी तीसरे मध्यस्थ की मध्यस्थता में यहां संघर्षविराम नहीं होगा, सिर्फ और सिर्फ दोनों पक्ष ही शांति करवा सकते हैं। बढ़ते सीमा संघर्ष में कम से कम 16 लोग मारे गए हैं और हजारों विस्थापित हो चुके हैं।















