साल 2025- बदल जाएंगी ब्याज की दरें, हेल्थ और एजुकेशन में भी होंगे बड़े बदलाव
नई दिल्ली। साल 2025 को लेकर देश और दुनिया को काफी उम्मीदें हैं। साल 2025 की शुरुआत के बाद से ही देश में काफी कुछ बदलने जा रहा है। जहां रेपो रेट में कमी आने की उम्मीद है, वहीं ट्रांसपोर्ट से लेकर एजुकेशन और हेल्थ से लेकर पर्यटन में कई बड़े बदलाव होंगे।
वित्तीय क्षेत्र में बदलाव- साल 2025 में महंगाई दर 4 से 4.5 फीसदी रहने का अनुमान है। इस दौरान रेपो रेट में कमी आ सकती है। रेपो रेट के 0.75 फीसदी तक कम होने का अनुमान है, जिससे लोन के ब्याज दर में भी कमी आ सकती है। वहीं ईपीएफ सब्सक्राइबर अब कार्ड से भी विड्रॉल कर सकेंगे। ईपीएफ जमा का 50 फीसदी हिस्सा कार्ड से निकाला जा सकेगा। इसकी घोषणा जनवरी में की जा सकती है। वहीं 31 जनवरी से टॉप 500 शेयरों के लिए वैकल्पिक T+0 सेटलमेंट उपलब्ध होगा। इसका मतलब यह हुआ कि शेयर बेचने पर उसी दिन अकाउंट में पैसा आ जाएगा।
शिक्षा क्षेत्र में बदलाव यह बदलाव होगा- न्यू एजुकेशन पॉलिसी के तहत शिक्षण सत्र 2025-26 में 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार कराई जाएंगी। इन दोनों के बीच में 6 महीने का फर्क रखा जाएगा। यूनिवर्सिटी और कॉलेज में साल में दो बार एडमिशन प्रोसेस होगा। नये शिक्षण सत्र 2025-26 से छात्र एक साथ दो यूजी या पीजी कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं। क्लास 9 से 12 तक की किताबें 20 फीसदी तक सस्ती हो जाएंगी। वहीं किंडर गार्डन से क्लास 8 तक की हर किताब 65 रुपये में उपलब्ध होगी।
हेल्थ सेक्टर- रूस इस साल कैंसर वैक्सीन लॉन्च करेगा। इस वैक्सीन का सक्सेस रेट 100 फीसदी रहा है। वहीं भारत में टी-सेल थेरेपी से भी मेडिकल जगत को उम्मीद जगी है। टाइप 2 डाइबिटीज टिर्जेपटाइड ड्रग को भारत ने मंजूरी दे दी है। इस साल यह भार में आ जाएगी।
केंद्र सरकार ने 2025 में भारत से टीबी को खत्म करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।















