अजब गजब:- लोकतांत्रिक मूल्यों व जनता के साथ धोखा

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अजब गजब:- लोकतांत्रिक मूल्यों व जनता के साथ धोखा

युद्ध छेड़ा तो पता चला कि यूक्रेन में प्रधान जी कर रही हैं पढ़ाई

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की है घटना

यूक्रेन से मदद के लिए जारी वीडियो के बाद हुआ खुलासा जिम्मेदार हलकान

उत्तर प्रदेश, हरदोई। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध छिड़ने के बाद अपने बचाव को लेकर एक वीडियो यूक्रेन से हरदोई की वैशाली यादव ने जारी किया जिसके बाद वह राजनीति सुर्खियों में आ गई।
मिली जानकारी के अनुसार रूस और यूक्रेन के युद्ध के दौरान बचाव को लेकर जो भारतीयों के द्वारा वीडियो जारी किए गए उनमें हरदोई की वैशाली यादव का भी है। उन्होंने पिछले दिनों एक वीडियो जारी करके छात्रों को वहां से निकालने की अपील की इस वीडियो को यह कह कर प्रचारित किया गया कि वैशाली के पिता समाजवादी पार्टी के नेता महेंद्र सिंह यादव ने पुत्री से सरकार को बदनाम करने के लिए वीडियो बनवाया जबकि वह भी भारत में ही है जिसके बाद इंटरनेट मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप की झाड़ लग गई।
बीते बुधवार को वैशाली ने दूसरा वीडियो जारी करके इसे राजनैतिक रंग ना देने की बात कही। जिला प्रशासन की जांच में पता चला कि वैशाली गांव में नहीं यूक्रेन में ही है और बुधवार को वह रोमानिया पहुंच गई। वहां से भारत आ रही है। खास बात यह है कि वीडियो की पड़ताल के बाद यह भी तथ्य सामने आया कि वैशाली एक गांव की प्रधान भी है और बिना किसी सूचना के यूक्रेन में पढ़ाई कर रही है मामला सांडी विकासखंड के तेरा पुरुष पुरसोली गांव का है।
इस खुलासे के बाद डीपीआरओ एडीओ पंचायत ग्राम विकास अधिकारी की हवाइयां उड़ गई। बताया जाता है कि वैशाली के यूक्रेन प्रवास के दौरान गांव के विकास व अन्य कार्यों को लेकर सरकारी फंड से निकाली गई धनराशि अभिलेखों के संबंध में जवाब भारी पड़ रहा है। तो वही जिला प्रशासन ने डीपीआरओ उक्त अधिकारियों से इस संदर्भ में जवाब मांगा है।
ज्ञातव्य हो कि बीते वर्ष अप्रैल में पंचायत चुनाव में सांडी के पूर्व ब्लाक प्रमुख महेंद्र सिंह यादव की पुत्री वैशाली यादव को विकास खंड के गांव तेरा पुरसैली का प्रधान चुना गया प्रधानी का चुनाव जीतने के बाद वैशाली यादव मेडिकल की पढ़ाई करने यूक्रेन चली गई। इसकी किसी को जानकारी भी नहीं रही लेकिन यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध छेड़ने पर वैशाली भी वहां फंस गई और जब उन्होंने वीडियो जारी कर सरकार से मदद मांगी तो मामला तूल पकड़ लिया। गांव के प्रधान जी के बिना सूचना देश से बाहर होने की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई।
इस संदर्भ में जिला पंचायत राज अधिकारी गिरीश चंद ने बताया कि विदेश से धन राशि निकालना वित्तीय अनियमितता में आता है डिजिटल साइन से भी विदेश से धन राशि नहीं निकाली जा सकती है। उसके स्थान पर दूसरा हस्ताक्षर करता रहा हो तो भी गलत है। प्रधान को अपने ग्राम पंचायत की बैठकों में उपस्थित रहना अनिवार्य है। लगातार तीन बैठकों में प्रधान के अनुपस्थित रहना नियम विरुद्ध है। मामले की जांच हो रही है।
उन्होंने बताया कि एडीओ पंचायत रजनीकांत और ग्राम विकास अधिकारी गौरव मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रधान के देश से बाहर होने की जानकारी उन्होंने उच्च अधिकारियों को क्यों नहीं दी गांव में विकास कार्य कि किसने कराएं और कितना पैसा निकाला गया।
उन्होंने कहा कि वैशाली देश से बाहर है इसलिए उसे नोटिस जारी न करके ग्राम पंचायत अधिकारी और एडीओ पंचायत से जवाब मांगा गया

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