जिसके नाम से कांपता था मालदा, सत्ता परिवर्तन के बाद ऐसे खत्म हुआ आतंक

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जिसके नाम से कांपता था मालदा, सत्ता परिवर्तन के बाद ऐसे खत्म हुआ आतंक

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मालदा के कालियाचक इलाके में TMC के पूर्व अंचल अध्यक्ष बकुल शेख की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन्हें भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सार्वजनिक इलाके से बाहर निकाला। सामने आए वीडियो में बकुल शेख सफेद कपड़ों में हाथ जोड़े हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि उनके चारों ओर बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षाकर्मी मौजूद हैं।

बकुल शेख को लेकर स्थानीय स्तर पर लंबे समय से उनके राजनीतिक प्रभाव और आपराधिक मामलों में नाम आने की चर्चा रही है। उनके खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी और अपहरण सहित कई गंभीर मामलों में आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, किसी भी आरोप को अदालत में दोष सिद्ध नही हुआ है।

किस मामले में हुई गिरफ्तारी? 👉 जून 2026 में बकुल शेख की गिरफ्तारी एक बड़ी कथित तस्करी की खेप से जुड़े मामले में हुई। मई में प्रतिबंधित सामान की एक बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद पुलिस ने पूछताछ के दौरान बकुल शेख का नाम सामने आने का दावा किया। पुलिस के अनुसार, वह इस कार्रवाई के बाद फरार था।

हालांकि, बकुल शेख ने इन आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि उनका तस्करी से कोई संबंध नहीं है।

बकुल शेख का पुराना विवादित रिकॉर्ड – बकुल शेख का नाम पहले भी मालदा के कालियाचक इलाके में गंभीर आपराधिक मामलों और राजनीतिक हिंसा से जुड़ी खबरों में सामने आता रहा है। पुराने रिकॉर्ड में हत्या, अपहरण, रंगदारी, हथियार और हिंसक झड़पों से जुड़े आरोपों का उल्लेख मिलता है। यही वजह है कि उनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा सार्वजनिक इलाके में भारी सुरक्षा के बीच उन्हें ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बकुल शेख की राजनीतिक पहचान TMC से जुड़ी रही है, इसलिए उनकी गिरफ्तारी को लेकर बंगाल की बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों की भी चर्चा हो रही है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC सरकार के दौर में बकुल शेख का नाम मालदा की स्थानीय राजनीति में प्रभावशाली नेताओं के बीच लिया जाता रहा था। 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन हुआ और सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बने। पश्चिम बंगाल सरकार की आधिकारिक वेबसाइट भी उन्हें वर्तमान मुख्यमंत्री के रूप में दर्ज करती है। ऐसे में सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज है। एक तरफ इसे कानून-व्यवस्था पर सरकार की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है, तो दूसरी तरफ राजनीतिक समर्थक इसे बदलते बंगाल में पुराने प्रभावशाली नेताओं पर कार्रवाई से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, बकुल शेख की गिरफ्तारी को सीधे मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी या पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के किसी व्यक्तिगत निर्देश से जोड़ने वाला कोई पुष्टि सामने नहीं आया है। इसलिए इस मामले को फिलहाल पुलिस कार्रवाई और चल रही कानूनी प्रक्रिया के रूप में ही देखना उचित है।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई चर्चा – गिरफ्तारी के बाद सामने आए वीडियो में बकुल शेख भारी पुलिस सुरक्षा के बीच सड़क पर चलते दिखाई देते हैं। उनके आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी मौजूद हैं और स्थानीय लोग भी कार्रवाई को देखते नजर आते हैं। इसी वीडियो के आधार पर सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से फैल रहा है कि “मालदा में बकुल शेख की भौकाल खत्म हो गया।” #WestBengal #Malda #BakulSheikh #TMC #MamataBanerjee #SuvenduAdhikari #BengalNews #MaldaNews #BreakingNews #BJP4IND #bjpwestbangal

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